Description
"‘समय-प्रबंधन’ पत्थर को पिघलाकर मोम करने जैसा मुश्किल काम है। इस पुस्तक में उत्पादकता बढ़ाने के एक नए तरीक़े की चर्चा की गई है। वह नया तरीक़ा है - अपने पास उपलब्ध चौबीस घंटों में अधिकाधिक काम करने की जद्दोजहद की बजाए अपने मस्तिष्क का सही उपयोग करके बिना किसी विशेष प्रयास के थोड़े से समय में ही अधिकाधिक उत्पादकता प्राप्त करना।‘समय-प्रबंधन नहीं, मन-प्रबंधन’ नामक इस पुस्तक में लेखक डेविड केडेवी ने अपने दशक भर लम्बे शोध के परिणाम साझा करते हुए बताया है कि निरंतर बदलती हुई दुनिया में ख़ुद को सही मायनों में उत्पादक कैसे बनाया जाए। अपनी दैनिक दिनचर्या छोड़ें : अपनी उत्पादकता को बढ़ाने के लिए अपने आसपास मौज़ूद ऐसे पैटर्न्स का उपयोग करें, जो किंचित आपकी नज़रों से छिपे हुए हैं। जिस काम में पहले दिन भर लगता था, उसे केवल पाँच मिनट में करें : चिंतन का काम अवचेतन मन को करने दें, इससे आपको सोचने के झंझट से मुक्ति मिलेगी, बहुत सारा समय बचेगा, और चिंतन की गुणवत्ता भी बढ़ेगी। ‘राइटर्स ब्लॉक’ या ‘रचनात्मक अवरोध’ जैसी कोई चीज़ नहीं होती : 19वीं सदी के उस वैज्ञानिक से एक शाश्वत सबक सीखें जिसकी प्रतिभा को बहुत कम करके आँका गया है। बिना ध्यान भटकाए प्रौद्योगिकी का पूरा लाभ उठाएँ : एक सस्ता-सा, कम प्रचलित-सा उपकरण रचनात्मकता और उत्पादकता बढ़ाने का माध्यम बन सकता है।

