{"product_id":"main-nastik-kyon-hoon","title":"Main Nastik Kyon Hoon? मैं नास्तिक क्यों हूं?","description":"\u003cp\u003eभगत सिंह की सर्व विदित पहचान एक क्रांतिकारी के रूप में है, लेकिन यह उनकी अधूरी पहचान है। जब तक आप उनके पत्रों, कथनों और लेखों से गुज़र नहीं जाते तब तक आप सतही भगत सिंह की छवि निहारेंगे। जैसे ही उनके विचारों से आप दो-चार होते हैं, बेचेन होना शुरु हो जाते हैं। फिर मस्तिष्क मंथन कर स्वतः ही आपको परीपूर्ण भगत सिंह के सामने ला खड़ा करता है। ऐसा सभी को उनके लेखों और पत्रों से स्पष्ट होता रहा है। इस फेहरिस्त में गाँधी, नेहरु से लेकर वर्तमान पीढ़ी के राजनेता तथा प्रशासक भी इसमें शामिल रहे हैं। वह जितना क्रांतिकारी थे, उतने ही सामाजिक और न्यायवादी भी। वह मज़बूत जनसत्ता और वि-केंद्रीयकरण के पक्ष धार थे और समाज के हर वर्ग की बात करते रहे। यकीन जानिए इन पत्रों और लेखों को पढ़ लेने के उपरांत कोई भी पहले जैसे नहीं रहता।\u003c\/p\u003e","brand":"Dusky's Shrine","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":46041045565497,"sku":"9788196987060","price":122.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0795\/3367\/0457\/files\/61O5ycy2egL._SL1122.jpg?v=1782847728","url":"https:\/\/duskysshrine.com\/products\/main-nastik-kyon-hoon","provider":"Dusky's Shrine","version":"1.0","type":"link"}